
(Jharkhand PESA Rules 2025 | Gram Sabha Power | Cabinet Decision)
अब झारखंड के आदिवासी गांव खुद तय करेंगे – खनन होगा या नहीं, जमीन दी जाएगी या नहीं, शराब खुलेगी या नहीं!
Historic decision of Cabinet:
झारखंड सरकार ने पेसा (PESA – पंचायत उपबंध, अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम) की नियमावली को मंजूरी देकर राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसे आदिवासी स्वशासन की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
पेसा नियमावली क्या है? (What is PESA Act?)
Historic Cabinet Decision: PESA Act, 1996 का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों (Scheduled Areas) में रहने वाले आदिवासी समुदायों को ग्रामसभा के माध्यम से निर्णय लेने की वास्तविक शक्ति देना है।
Historic Cabinet Decision: झारखंड में पेसा नियमावली क्यों जरूरी थी?
- कानून मौजूद था, लेकिन नियम नहीं थे
- ग्रामसभा की भूमिका अस्पष्ट थी
- खनन, जमीन अधिग्रहण जैसे फैसले ग्रामसभा की सहमति के बिना हो रहे थे
अब नियमावली के लागू होते ही ग्रामसभा सर्वोच्च इकाई के रूप में कार्य करेगी।
कैबिनेट बैठक के मुख्य फैसले (Cabinet Decisions Summary)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कुल प्रस्ताव | 39 प्रस्तावों को मंजूरी |
| पेसा नियमावली | स्वीकृत |
| ग्रामसभा अधिकार | खनन, भूमि, शराब, जल, वन उपज |
| JSSC परीक्षा नियम | 50,000 से कम आवेदन पर एक चरण |
| बेकन फैक्ट्री | कांके फैक्ट्री पुनर्जीवन को मंजूरी |
ग्रामसभा को मिली ऐतिहासिक शक्तियां
खनन और भूमि अधिग्रहण
- अब खनन, लीज, जमीन अधिग्रहण के लिए
- ग्रामसभा की पूर्व सहमति अनिवार्य
बिना ग्रामसभा अनुमति कोई परियोजना नहीं लगेगी
शराब दुकानों पर फैसला
- देसी या विदेशी शराब की दुकान
- खुलेगी या नहीं — ग्रामसभा तय करेगी
ग्रामसभा के निर्णय की अवहेलना कर शराब दुकान नहीं खोली जा सकेगी
लघु वन उपज (Minor Forest Produce)
- तेंदूपत्ता, महुआ, साल बीज
- संग्रह, उपयोग और विक्रय का अधिकार ग्रामसभा के पास
जल संसाधन और मछली पालन
- 1 एकड़ से कम जल क्षेत्र ग्रामसभा के अधीन
- मछली पालन और उपयोग का निर्णय ग्रामसभा करेगी
सामाजिक न्याय और छोटे अपराध
ग्रामसभा करेगी सुनवाई:
- घर में चोरी
- मवेशी चोरी
- भूमि कब्जा
- हल्की मारपीट
- सामान्य विवाद
शिक्षा और स्वास्थ्य में ग्रामसभा की भूमिका
| क्षेत्र | ग्रामसभा की शक्ति |
|---|---|
| स्कूल | संचालन पर निगरानी |
| शिक्षक | कार्रवाई की अनुशंसा |
| स्वास्थ्य केंद्र | निगरानी |
| डॉक्टर/पैरामेडिकल | शिकायत पर अनुशंसा |
महिलाओं और पारंपरिक स्वशासन को मजबूती
पेसा नियमावली से:
- महिला भागीदारी बढ़ेगी
- पारंपरिक ग्राम प्रधान प्रणाली को मान्यता
- निर्णय प्रक्रिया में गांव की सीधी भागीदारी
ग्रामसभा गठन और बैठक के नियम
बैठक से जुड़े महत्वपूर्ण नियम
- हर महीने कम से कम 1 बैठक अनिवार्य
- 1/10 सदस्य या आधे सदस्य मांग करें तो
7 दिन में बैठक बुलानी होगी - कोरम: कुल सदस्यों का 1/3 उपस्थित होना जरूरी
पंचायत चुनावों पर क्या असर होगा?
- पंचायती राज सचिव मनोज कुमार के अनुसार
- पेसा नियमों का त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा
क्योंकि:
- झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001 पहले से पेसा अनुरूप है
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान
“काफी विमर्श और विभागीय मंतव्यों के बाद पेसा नियमावली को जनता को समर्पित किया गया है। इसे अनुसूचित क्षेत्रों में बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा।”
प्रतियोगिता परीक्षा नियमों में बदलाव (JSSC)
नया नियम:
- 50,000 से अधिक आवेदन → प्रारंभिक + मुख्य परीक्षा
- 50,000 से कम आवेदन → केवल एक परीक्षा
यह नियम:
- मैट्रिक
- इंटरमीडिएट
- सामान्य ज्ञान + हिंदी योग्यता पदों पर लागू होगा
कांके बेकन फैक्ट्री पुनर्जीवन
- स्थान: कांके, रांची
- सहयोग: ICAR–NMR Institute, Hyderabad
- उद्देश्य:
✔️ स्थानीय रोजगार
✔️ पशुपालन को बढ़ावा
पेसा नियमावली की प्रमुख बातें
- ग्रामसभा सर्वोच्च
- खनन में ग्रामसभा सहमति जरूरी
- शराब दुकान ग्रामसभा तय करेगी
- मछली, जल, वन उपज पर अधिकार
- शिक्षा-स्वास्थ्य में निगरानी
- महिलाओं को सशक्तिकरण
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. पेसा नियमावली कब लागू होगी?
नियम अधिसूचित होने के बाद पूरे राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होगी।
Q2. क्या ग्रामसभा खनन रोक सकती है?
हां, बिना ग्रामसभा सहमति कोई खनन नहीं हो सकता।
Q3. क्या शराब दुकान बंद कराई जा सकती है?
हां, ग्रामसभा का निर्णय अंतिम होगा।
Q4. क्या पंचायत चुनाव रुकेंगे?
नहीं, पंचायत चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
Q5. पेसा नियमावली किन क्षेत्रों में लागू होगी?
झारखंड के सभी Scheduled Areas में।
Quiz (Competitive Exam Ready)
Q1. पेसा नियमावली किस वर्ष बनी?
A. 1992
B. 1996
C. 2001
D. 2010
उत्तर: B
Q2. ग्रामसभा बैठक के लिए न्यूनतम कोरम कितना है?
A. आधे सदस्य
B. 1/10 सदस्य
C. 1/3 सदस्य
D. 2/3 सदस्य
उत्तर: C
Q3. 1 एकड़ से कम जल क्षेत्र का नियंत्रण किसके पास होगा?
A. जिला प्रशासन
B. पंचायत समिति
C. ग्रामसभा
D. राज्य सरकार
उत्तर: C
Conclusion (निष्कर्ष)
झारखंड में पेसा नियमावली की मंजूरी सिर्फ एक सरकारी निर्णय नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन की जीत है।
यह नियम:
- ग्रामसभा को असली ताकत देता है
- प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करता है
- महिलाओं और ग्रामीण समाज को सशक्त बनाता है
अगर इसे ईमानदारी से लागू किया गया, तो झारखंड के लिए मॉडल स्टेट बन सकता है।
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